जय भारत
VPXL

Dec 31, 2008

कभी आना तू मेरी गली ..


मेरे दिल की किताब को पढ़ना कभी ,
सपनो में आके मुझ से मिलना कभी
मैंने दुनिया सजाई है तेरे लिए ,
मेरी नजरो की उम्मीद बनना कभी
बहुत दूर है सितारों से रोशन जहाँ ,
जरा हमकदम बनके मेरे साथ चलना कभी
बहुत नाजुक सीने मे दिल है मेरा ,
तुम अंदाज मोहब्बत बनके देखना
..कभी..

9 comments:

Sanjeev Mishra said...

bahut sundar bhai.kya baat hai.
मैंने दुनिया सजाई है तेरे लिए ,
मेरी नजरो की उम्मीद बनना कभी
bahut khoob.

Unknown said...

नया साल आए बन के उजाला
खुल जाए आपकी किस्मत का ताला|
चाँद तारे भी आप पर ही रौशनी डाले
हमेशा आप पे रहे मेहरबान उपरवाला ||

नूतन वर्ष मंगलमय हो |

राज भाटिय़ा said...

नव वर्ष की आप और आपके परिवार को हार्दिक शुभकामनाएं !!!नया साल आप सब के जीवन मै खुब खुशियां ले कर आये,ओर पुरे विश्चव मै शातिं ले कर आये.
धन्यवाद


बेटा कल नीचे दिये लिंक पर आना आप के लिये एक हम नाम दोस्त यहां होगा.कल यानि १/१/०९ सुबह ४,३० के बाद . गुस्सा मत करो तुम मेरे बेटे की उम्र के ही हो...
http://parayadesh.blogspot.com/

Anonymous said...

First of all Wish U Happy New Yewr..

Sundear Rachana...

Badhi...

Rahul kumar said...

khaas ye kabhi abhi me badle to maja aa jaaye

राहुल यादव said...

khaas ye kabhi abhi me badle to maja aa jaaye

अंकुर माहेश्वरी said...

rahul ji mast suggestion hai..

Pratik Maheshwari said...

बहुत ही सुंदर कृति...
यूँ ही लिखते रहिये...

purnima said...

मैंने दुनिया सजाई है तेरे लिए ,
मेरी नजरो की उम्मीद बनना कभी
गणतंत्र दिवस पर आप को हार्दिक शुभ कामना .
आपका लिखा लेख अच्छा हें