कभी इस देश मे तो कभी उस देश मे, कभी इस शहर मे तो कभी उस शहर मे…एक धमाका और कई जाने तबाह हो जाती हैं..इस सत्ता ( या फिर अस्तित्व ??) की लडाई मे किसी की जीत नही होती लेकिन हर बार हारती सिर्फ मानवता है….पता नही किन परिस्थितियों की वजह से मानव इतना खूँखार और विद्रोही हो जाता है…
मुझे ये कहना है—ये झो भी हो रहा है ,,बहुत ग़लत हो रहा है .
चलो चलें नव युग की ओर !!
जहाँ हो शान्ति चारो ओर !!
Nov 29, 2008
जब कभी हाँ जब कभी तेरी याद आती है
जब कभी तेरी याद आती है
चांदनी में नहा के आती है।
भीग जाते हैं आँख में सपने
शब में शबनम बहा के आती है।
मेरी तनहाई के तसव्वुर में
तेरी तसवीर उभर आती है।
तू नहीं है तो तेरी याद सही
ज़िन्दगी कुछ तो संवर जाती है।
तू कहीं दूर उफ़क से चल कर
मेरे ख्यालों में उतर आती है।
मेरे वीरान बियाबानों में
प्यार बन कर के बिखर जाती है।
तू किसी पंखरी के दामन पर
ओस की तरह झिलमिलाती है।
मेरी रातों की हसरतें बन कर
तू सितारों में टिमटिमाती है।
वक्ते रुख़सत की बेबसी ऐसी
आँख से आरज़ू अयाँ न हुई।
दिल से आई थी बात होठों तक
बेज़ुबानी मगर ज़ुबां न हुई।
चश्मे पुरनम बही, बही, न बही।
ज़िन्दगी है, रही, रही, न रही।
तुम तो कह दो जो तुमको कहना था
मेरा क्या है कही, कही, न कही।
चांदनी में नहा के आती है।
भीग जाते हैं आँख में सपने
शब में शबनम बहा के आती है।
मेरी तनहाई के तसव्वुर में
तेरी तसवीर उभर आती है।
तू नहीं है तो तेरी याद सही
ज़िन्दगी कुछ तो संवर जाती है।
तू कहीं दूर उफ़क से चल कर
मेरे ख्यालों में उतर आती है।
मेरे वीरान बियाबानों में
प्यार बन कर के बिखर जाती है।
तू किसी पंखरी के दामन पर
ओस की तरह झिलमिलाती है।
मेरी रातों की हसरतें बन कर
तू सितारों में टिमटिमाती है।
वक्ते रुख़सत की बेबसी ऐसी
आँख से आरज़ू अयाँ न हुई।
दिल से आई थी बात होठों तक
बेज़ुबानी मगर ज़ुबां न हुई।
चश्मे पुरनम बही, बही, न बही।
ज़िन्दगी है, रही, रही, न रही।
तुम तो कह दो जो तुमको कहना था
मेरा क्या है कही, कही, न कही।
कभी आना तू मेरी गली
मेरे दिल की किताब को पढ़ना कभी ,
सपनो में आके मुझ से मिलना कभी
मैंने दुनिया सजाई है तेरे लिए ,
मेरी नजरो की उम्मीद बनना कभी
बहुत दूर है सितारों से रोशन जहाँ ,
जरा हमकदम बनके मेरे साथ चलना कभी
बहुत नाजुक सीने मे दिल है मेरा ,
तुम अंदाज मोहब्बत बनके देखना कभी Reply
सपनो में आके मुझ से मिलना कभी
मैंने दुनिया सजाई है तेरे लिए ,
मेरी नजरो की उम्मीद बनना कभी
बहुत दूर है सितारों से रोशन जहाँ ,
जरा हमकदम बनके मेरे साथ चलना कभी
बहुत नाजुक सीने मे दिल है मेरा ,
तुम अंदाज मोहब्बत बनके देखना कभी Reply
वो बेवफा तो नही थी
ना थी जिसको हमारे प्यार की कदर ,
इत्तेफाक से उसी को चाह रहे थे हम ,
उसी दिए ने जलाया हमारे हाथ को ,
जिसे हवा से बचा रहे थे हम Reply
इत्तेफाक से उसी को चाह रहे थे हम ,
उसी दिए ने जलाया हमारे हाथ को ,
जिसे हवा से बचा रहे थे हम Reply
हमारी उनके नाम
सितम को हमने बेरुखी समझा
प्यार को हमने बंदगी समझा
तुम चाहे हमें जो भी समझो
पर हमने तो तुम्हें अपनी जिंदगी समझा Reply
प्यार को हमने बंदगी समझा
तुम चाहे हमें जो भी समझो
पर हमने तो तुम्हें अपनी जिंदगी समझा Reply
जिद है
दीवारों से भी बतियाने की जिद है
हर अनुभव को गीत बनाने की जिद है
दिये बहुत से गलियारों में जलते हैं
मगर अनिश्चय के आँगन तो खलते हैं
कितना कुछ घट जाता मन के भीतर ही
अब सारा कुछ बाहर लाने की ज़िद है
जाने क्यों जो जी में आया नहीं किया
चुप्पा आसमान को हमने समझ लिया
देख चुके हम भाषा का वैभव सारा
बच्चों जैसा अब तुतलाने की ज़िद है
कौन बहलता है अब परी कथाओं से
सौ विचार आते हैं नयी दिशाओं से
खोया रहता एक परिन्दा सपनों का
उसको अपने पास बुलाने की ज़िद है
सरोकार क्या उनसे जो खुद से ऊबे
हमको तो अच्छे लगते हैं मंसूबे
लहरें अपना नाम-पता तक सब खो दें
ऐसा इक तूफान उठाने की ज़िद है !!!!
हर अनुभव को गीत बनाने की जिद है
दिये बहुत से गलियारों में जलते हैं
मगर अनिश्चय के आँगन तो खलते हैं
कितना कुछ घट जाता मन के भीतर ही
अब सारा कुछ बाहर लाने की ज़िद है
जाने क्यों जो जी में आया नहीं किया
चुप्पा आसमान को हमने समझ लिया
देख चुके हम भाषा का वैभव सारा
बच्चों जैसा अब तुतलाने की ज़िद है
कौन बहलता है अब परी कथाओं से
सौ विचार आते हैं नयी दिशाओं से
खोया रहता एक परिन्दा सपनों का
उसको अपने पास बुलाने की ज़िद है
सरोकार क्या उनसे जो खुद से ऊबे
हमको तो अच्छे लगते हैं मंसूबे
लहरें अपना नाम-पता तक सब खो दें
ऐसा इक तूफान उठाने की ज़िद है !!!!
और वो समझे नही ये खामोशी नही इकरार ऐ प्यार था
होश वालों को खबर क्या बेखुदी क्या चीज़ है
इश्क कीजिए फिर समझिए ज़िंदगी क्या चीज़ है
उनसे नज़रें क्या मिली रोशन फिज़यें हो गयीं
आज जान प्यार कि जादूगरी क्या चीज़ है
खुलती जुल्फों ने सिखाई मौसमों को शायरी
झुकती आंखों ने बताया मेह्काशी क्या चीज़ है
हम लबों से कह न पाए उनसे हाल-ए-दिल कभी
और वह समझे नही यह खामोशी क्या चीज़ है
इश्क कीजिए फिर समझिए ज़िंदगी क्या चीज़ है
उनसे नज़रें क्या मिली रोशन फिज़यें हो गयीं
आज जान प्यार कि जादूगरी क्या चीज़ है
खुलती जुल्फों ने सिखाई मौसमों को शायरी
झुकती आंखों ने बताया मेह्काशी क्या चीज़ है
हम लबों से कह न पाए उनसे हाल-ए-दिल कभी
और वह समझे नही यह खामोशी क्या चीज़ है
दोस्त
ऐसा दोस्त चाहिए जो अपना मान सके,
हमारे हर गम को जान सके
चल रहे हो हम तेज़ बारिश में,
फिर भी पानी में से आंसू को पहचान सके
हमारे हर गम को जान सके
चल रहे हो हम तेज़ बारिश में,
फिर भी पानी में से आंसू को पहचान सके
dost .. dost hota hai ..
नाही ज़रूरत है चाँद सितारों की,
ना ही ज़रूरत है और यारों की .
बस एक दोस्त आप जैसा चाहिए,
जो अकेले ही वाट लगादे हजारों की.
ना ही ज़रूरत है और यारों की .
बस एक दोस्त आप जैसा चाहिए,
जो अकेले ही वाट लगादे हजारों की.
दोस्ती
दोस्ती हमारी ऐसी हो की ऐ दोस्त
सुबह तेरी शाम मेरी हो,
दिन तेरा हो तो रात मेरी हो
हँसी तेरी तो उदासी मेरी हो,
जब भी मौत आए ऐ दोस्त
तो कब्र तेरी और लाश मेरी हो
सुबह तेरी शाम मेरी हो,
दिन तेरा हो तो रात मेरी हो
हँसी तेरी तो उदासी मेरी हो,
जब भी मौत आए ऐ दोस्त
तो कब्र तेरी और लाश मेरी हो
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