जय भारत
VPXL

Nov 29, 2008

कभी आना तू मेरी गली

मेरे दिल की किताब को पढ़ना कभी ,
सपनो में आके मुझ से मिलना कभी
मैंने दुनिया सजाई है तेरे लिए ,
मेरी नजरो की उम्मीद बनना कभी
बहुत दूर है सितारों से रोशन जहाँ ,
जरा हमकदम बनके मेरे साथ चलना कभी
बहुत नाजुक सीने मे दिल है मेरा ,
तुम अंदाज मोहब्बत बनके देखना कभी Reply

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