
मेरे दिल की किताब को पढ़ना कभी ,
सपनो में आके मुझ से मिलना कभी
मैंने दुनिया सजाई है तेरे लिए ,
मेरी नजरो की उम्मीद बनना कभी
बहुत दूर है सितारों से रोशन जहाँ ,
जरा हमकदम बनके मेरे साथ चलना कभी
बहुत नाजुक सीने मे दिल है मेरा ,
तुम अंदाज मोहब्बत बनके देखना ..कभी..
9 comments:
bahut sundar bhai.kya baat hai.
मैंने दुनिया सजाई है तेरे लिए ,
मेरी नजरो की उम्मीद बनना कभी
bahut khoob.
नया साल आए बन के उजाला
खुल जाए आपकी किस्मत का ताला|
चाँद तारे भी आप पर ही रौशनी डाले
हमेशा आप पे रहे मेहरबान उपरवाला ||
नूतन वर्ष मंगलमय हो |
नव वर्ष की आप और आपके परिवार को हार्दिक शुभकामनाएं !!!नया साल आप सब के जीवन मै खुब खुशियां ले कर आये,ओर पुरे विश्चव मै शातिं ले कर आये.
धन्यवाद
बेटा कल नीचे दिये लिंक पर आना आप के लिये एक हम नाम दोस्त यहां होगा.कल यानि १/१/०९ सुबह ४,३० के बाद . गुस्सा मत करो तुम मेरे बेटे की उम्र के ही हो...
http://parayadesh.blogspot.com/
First of all Wish U Happy New Yewr..
Sundear Rachana...
Badhi...
khaas ye kabhi abhi me badle to maja aa jaaye
khaas ye kabhi abhi me badle to maja aa jaaye
rahul ji mast suggestion hai..
बहुत ही सुंदर कृति...
यूँ ही लिखते रहिये...
मैंने दुनिया सजाई है तेरे लिए ,
मेरी नजरो की उम्मीद बनना कभी
गणतंत्र दिवस पर आप को हार्दिक शुभ कामना .
आपका लिखा लेख अच्छा हें
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